
संक्षिप्त परिचय : उत्तर प्रदेश के पूर्वान्चल में स्थित ग्रामीण जनपद के उत्तरांचल में गाजीपुर जनपद में स्थित इस क्षेत्र में कोई विशाल महाविद्यालय नहीं था जिससे शिक्षक बनने के लिये क्षेत्र के छात्र/छात्रायें निराश रहते थे | सम्पन्न लोग अपने बच्चों को दूरस्थ विश्वविद्यालयों में भेजकर डी० एल० एड० की शिक्षा दिलाते थे परन्तु समाज के अति पिछड़े व अनुसूचित जाति/ जनजाति के लिए डी० एल० एड० शिक्षा असम्भव थी | इन्ही परिस्थितियों को देखते हुए इस महाविद्यालय की स्थापना एक अत्यन्त पिछड़े क्षेत्र में की गयी है|
जहाँ आज हजारों छात्र/ छात्रायें सफलता पूर्वक डी० एल० एड० की शिक्षा प्राप्त कर विभिन्न क्षेत्रों में अपनी योग्यता का परचम परचम लहरा रहे हैं | इस विद्यालय के विकास में स्थानीय जनता का अमूल्य सहयोग सदा से प्राप्त होता रहा है और आगे भी प्राप्त है |